भाषा और लिपि - भाषा और लिपि में अंतर

भाषा और लिपि

मौखिक भाषा या उच्चारित भाषा को स्थायी रूप देने के लिए भाषा के लिखित रूप का विकास हुआ। प्रत्येक ध्वनि के लिए लिखित चिह्न या वर्ण बनाए गए। वर्षों की इसी व्यवस्था को ‘लिपि' कहा जाता है। वास्तव में लिपि ध्वनियों को लिखकर प्रस्तुत करने का एक ढंग है। सभ्यता के विकास के साथ-साथ मनुष्य के लिए अपने-अपने भावों और विचारों को स्थायित्व देना, दूर-दूर स्थित लोगों से सम्पर्क बनाए रखना तथा संदेशों और समाचारों के आदान-प्रदान के लिए मौखिक भाषा से काम चला पाना असम्भव हो गया। अनुभव की गई यह आवश्यकता ही लिपि के विकास का कारण बनी।

मौखिक ध्वनियों को लिखित रूप में प्रकट करने के लिए निश्चित किए गए चिह्नों को लिपि कहते हैं।

संसार की विभिन्न भाषाओं को लिखने के लिए अनेक लिपियाँ प्रचलित हैं। हिन्दी, मराठी, नेपाली और संस्कृत भाषाएँ देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं। देवनागरी का विकास ब्राह्मी लिपि से हुआ है। ब्राह्मी वह प्राचीन लिपि है जिससे हिन्दी, बंगला, गुजराती, आदि भाषाओं की लिपियों का विकास हुआ।

देवनागरी बाईं ओर से दाईं ओर को लिखी जाती है। यह बहुत ही वैज्ञानिक लिपि है। भारत की अधिकांश भाषाओं की लिपियाँ बाईं ओर से दाईं ओर को ही लिखी जाती हैं। केवल ‘फारसी' लिपि जिसमें उर्दू भाषा लिखी जाती है, दाईं ओर से बाईं ओर को लिखी । जाती है।

भाषा और लिपि में अंतर

निम्न तालिका में विश्व की कुछ भाषाएँ और उनकी लिपियों के नाम दिए जा रहे है-
क्रमांक भाषा लिपि उदाहरण
1. हिन्दी देवनागरी बच्चे खेल रहे हैं।
2. संस्कृत देवनागरी बालकाः क्रीड़न्ति।
3. अंग्रेजी, फ्रेंच, पोलिश, जर्मन, स्पेनिश आदि। रोम, The Boys are Playing
4. मराठी, नेपाली * *
5. पंजाबी –गुरमुखी * *
6. उर्दू, अरबी, फारसी – फारसी * *
7. रूसी, बुल्गेरियन आदि रूसी । रूसी *
यों तो हर भाषा की अपनी लिपि होती है, किन्तु कोई भी भाषा किसी भी लिपि में लिखी जा सकती है। हम हिन्दी को रोमन लिपि में और अंग्रेजी को देवनागरी में लिख सकते हैं। जैसे-

  • मोहन किताब खरीद रहा है-Mohan Kitab Kharid raha hai.
  • John is going to Nepal-जॉन इज गोइंग टू नेपाल।
bhasha aur lipi - bhasha aur lipi mein antar