हिन्दी की प्रमुख रचनाएँ और कवि : हिन्दी व्याकरण

रचना: रचना शब्द 'composition' का हिन्दी रूपान्तरण है। भाषा के क्षेत्रा में रचना के अन्तर्गत भावों व विचारों को शब्द-समूहों में सँवारते है। विचारों को क्रमबद्ध करके शब्द-समूह में व्यक्त करना, आत्माभिव्यक्ति का अभ्यास, भावों एवं विचारों की अभिव्यक्ति, तथा कलात्मक ढंग से विचार व्यक्त करना ही रचना है।

संसार के प्रत्येक व्यक्ति अपने भावों व विचारों को अभिव्यक्त करते हैं चाहे मौखिक या लिखित रूप में। मानव की इसी चाह में ‘रचना’ का अर्थ निहित है सीधे व सरल शब्दों में ‘भाषागत प्रकाशन’ ही रचना है। भाषा-क्षेत्रा में इसका अर्थ है ‘भाषा में विचारों का स्पष्टीकरण। भाषा-शिक्षण के विभिन्न उद्देश्यों में एक उद्दरेश्य विद्यार्थियों को अपने भावों, विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रकट करने की योग्यता विकसित करना है। अतः उन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति हेतु उसे शुरू से रचना कार्यों की ओर अग्रसर किया जाता है।

प्रतियोगी परीक्षाओ मे पूछी जाने वाली प्रमुख रचनाएँ:

कवि रचनाएँ
सूरदास सूरसागर ,सूर सारावली ,साहित्य लहरी ,सूर पचीसी
तुलसीदासरामचरितमानस ,कवितावली ,गीतावली ,विनय पत्रिका ,दोहावली ,जानकी मंगल ,पार्वती मंगल ,हनुमा बाहुक
मलिक मुहम्मद जायसीपद् मावत ,कन्हावत ,आखिरी सलाम
मैथिली शरण गुप्त साकेत ,जयद्रथवध ,भारत-भारती ,यशोधरा
हरिवंशराय बच्चननिशा निमंत्रण ,मधुशाला ,मधुबाला
रामधारी सिंह 'दिनकर'उर्वशी ,रश्मिरथी ,हुँकार ,कुरुक्षेत्र
महादेवी वर्मायामा ,नीहार ,नीरजा ,रश्मि
सुमित्रनन्दन पन्तग्राम्या ,चिदम्बरा ,गुंजन
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला अलका ,अनामिका ,तुलसीदास ,राग-विराग
जयशंकर प्रसादकामायनी ,आँसू ,लहर ,झरना
सुभद्राकुमारी चौहानत्रिधारा ,मुकुल ,झाँसी की रानी
सोहनलाल द्विवेदी मुक्तिगंधा ,कुणाल ,युगधारा ,दूध बतासा
माखनलाल चतुर्वेदी बन्दी और कोकिला ,पुष्प की अभिलाषा ,हिमतरंगिणी
दलपति विजय खुमानरासो
नरपति नाल्ह वीसलदेव रासो
जगनिक परमालरासो
सारंगधर हम्मीर रासो
चंदबरदाई प्रथ्वीराज रासो
तुलसीदास रामचरितमानस, विनय पत्रिका ,कवितावली ,दोहावली ,जानकी मंगल
कबीरदास  रमैनी,सबद,साखी
सूरदास सूरसागर ,साहित्य लहरी ,सूर सारावली
जायसी पद्मावत ,अखरावट ,आखिरी कलाम
बिहारी बिहारी सतसई
देव अष्टयाम ,भाव विलास ,रस विलास
पद्माकर पद्मभारण ,हितोपदेश,राम रसायन ,जगत विनोद
मतिराम ललितललाम ,चंद्र्सार ,रसराज ,साहित्यकार
चिंतामणि कविकुल ,कल्पतरु ,काव्य विवेक
भूषण शिवावावनी, शिवराजभूषण ,छत्रशाल दशक
केशवदास रामचंद्रिका ,कविप्रिया ,रसिकप्रिया ,विज्ञानगीता
रहीम रहीम सतसई ,रहीम रत्नावली ,श्रृंगार सतसई ,रास पंचाध्यायी ,बरवे नायिका
मीराबाई रागगोविन्द ,गीतगोविन्द ,नरसीजी का मेहरा, राग सोरठ के पद 
घनानंद सुजान सागर ,प्रेम पत्रिका ,प्रेम सरोवर ,वियोग बोलि ,इश्कता
भारतेन्दु हरिश्चंद प्रेमफुलवारी ,प्रेम प्रलाप ,श्रृंगार लहरी
रामनरेश त्रिपाठी पथिक ,मिलन ,स्वपन ,मानसी ,ग्राम्य गीत
श्रीधर पाठक कश्मीर सुषमा ,भारत गीत ,हेमंत ,मनोविनोद ,स्वर्गीय ,वीणा
अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔधजी प्रियप्रवास ,वैदेही वनवास ,चोखे चौपदे ,रस कलश
मैथिलीशरण गुप्त साकेत ,यशोधरा ,भारत भारती ,सिद्धराज ,द्वापर ,पंचवटी
जयशंकर प्रसाद कामायनी ,झरना ,आँसू, लहर ,कामना ,कल्याणी ,स्कंदगुप्त,विशाख ,आकशदीप
सुमित्रानंदन पन्त कला और बूढा चाँद ,पल्लव ,गुंजन ,लोकायतन ,चिदंबरा ,उत्तरा
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला परिमल ,तुलसीदास ,अनामिका , कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला
महादेवी वर्मा निहार , रश्मि ,नीरजा ,दीपशिखा ,यामा ,पथ से साथी
सुभद्राकुमारी चौहान मुकुल ,त्रिधारा ,विखरे मोती ,सीधे सादे चित्र ,मिलन ,स्वपन ,जयंत
रामधारी सिंह दिनकर कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी ,उर्वशी ,रेणुका ,बापू ,रसवंती
माखनलाल चतुर्वेदी हिमकिरीटिनी, माता ,युगचरण ,समर्पण ,हिमतरंगिनी
भवानीप्रसाद मिश्र गीत परोश ,खुशबु के शिलालेख
बालकृष्ण शर्मा नवीन उर्मिला ,महाप्राण ,अपलक ,रश्मि रेखा ,कवासी
सोहनलाल द्वेवेदी भैरवी ,पूजा गीत ,प्रभाती ,चेतना ,कुणाल, विषपान ,पूजा के स्वर
अज्ञेय आगन के पार द्वार , हरी घास पर क्षण भर , बावरा अहेरी ,त्रिशंकु ,अरे यायावर रहेगा याद ,एक बूँद सहसा उछली ,चिंता ,पूर्वा 
हरिवंश राय बच्चन मधुशाला ,मधुबाला ,निशा निमंत्रण,क्या भूलूँ क्या याद करूँ ,मधु कलश ,बुद्ध का नाचघर ,बंगाल का काल
रामकुमार वर्मा संकेत ,एकलव्य ,उत्तरायण ,निशीथ ,आकाश गंगा ,चित्तौड़ की चिता
धर्मवीर भारती अँधा युग,कनुप्रिया ,गुनाहों का देवता ,सूरज का सातवां घोड़ा, ठंडा लोहा
गजानन माधव मुक्तिबोध  चाँद का मुँह टेढ़ा है,भूरीभूरी खाक धूल,नये साहित्य का सौंदर्यशास्त्र,विपात्र,एक साहित्यिक की डायरी,काठ का सपना
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना काठ की घंटियां ,बांस का पुल,एक सूनी नाव , गर्म हवाएं, कुआनो नदी,जंगल का दर्द , खूंटियों पर टंगे लोग ,क्या कह कर पुकारूं ,पागल कुत्तों का मसीहा (लघु उपन्यास) ,सोया हुआ जल (लघु उपन्यास)
केदारनाथ सिंह अभी बिल्कुल अभी ,जमीन पक रही है,यहाँ से देखो,बाघ,अकाल में सारस,उत्तर कबीर और अन्य कविताएँ,तालस्ताय और साइकिल,सृष्टि पर पहरा
कुँवर नारायण  चक्रव्यूह,अपने सामने ,कोई दूसरा नहीं ,आत्मजयी ,इन दिनों
उदय प्रकाश  सुनो कारीगर,अबूतर कबूतर,रात में हारमोनियम,एक भाषा हुआ करती है,कवि ने कहा,दरियायी घोड़ा,तिरिछ,दत्तात्रेय के दुख ,पॉलगोमरा का स्कूटर ,अरेबा परेबा