शिष्य शब्द के रूप (Shishy  Ke Roop)

शिष्य शब्द : अकारांत पुल्लिंग संज्ञा , सभी पुल्लिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनाते है जैसे -देव, बालक, राम, वृक्ष, सूर्य, सुर, असुर, मानव, अश्व, गज, ब्राह्मण, क्षत्रिय, शूद्र, छात्र, शिष्य, दिवस, लोक, ईश्वर, भक्त आदि।

शिष्य के रूप -

विभक्ति

एकवचन 

द्विवचन 

वहुवचन् 

प्रथमा
शिष्य:
शिष्यौ 
शिष्या:
द्वतीया
शिष्यम् 
शिष्यौ 
शिष्यान् 
त्रतीया
शिष्येन् 
शिष्याभ्याम् 
शिष्यै:
चतुर्थी
शिष्याय 
शिष्याभ्याम् 
शिष्येभ्य:
पञ्चमी
शिष्यात् 
शिष्याभ्याम् 
शिष्येभ्य:
षष्ठी
शिष्यस्य 
शिष्ययो:
शिष्यानाम् 
सप्तमी
शिष्ये
शिष्ययो::
शिष्येषु 
संबोधन 
हे शिष्य !
हे शिष्यौ !
हे शिष्या !

अकारांत पुल्लिंग संज्ञाओ के शब्द रूप

  1. देव (देवता) के शब्द रूप
  2. राम शब्द के रूप
  3. बालक शब्द के रूप
  4. वृक्ष शब्द के रूप
  5. सूर्य के शब्द रूप
  6. सुर शब्द के रूप
  7. असुर शब्द के रूप
  8. मानव के शब्द रूप
  9. अश्व के शब्द रूप
  10. गज के शब्द रूप
  11. ब्राह्मण के शब्द रूप
  12. क्षत्रिय के शब्द रूप
  13. शूद्र के शब्द रूप
  14. भक्त के शब्द रूप
  15. छात्र के शब्द रूप
  16. शिष्य के शब्द रूप
  17. दिवस के शब्द रूप
  18. लोक के शब्द रूप
  19. ईश्वर के शब्द रूप