पूर्वरूप संधि - एडः पदान्तादति, संस्कृत व्याकरण


पूर्वरूप संधि

Poorvroop Sandhi
पूर्वरूप संधि का सूत्र एडः पदान्तादति होता है। यह संधि स्वर संधि के भागो में से एक है। संस्कृत में स्वर संधियां आठ प्रकार की होती है। दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि, यण् संधि, अयादि संधि, पूर्वरूप संधि, पररूप संधि, प्रकृति भाव संधि
इस पृष्ठ पर हम पूर्वरूप संधि का अध्ययन करेंगे !

पूर्वरूप संधि के नियम

नियम - पदांत में अगर "ए" अथवा "ओ" हो और उसके परे 'अकार' हो तो उस अकार का लोप हो जाता है। लोप होने पर अकार का जो चिन्ह रहता है उसे ( ऽ ) 'लुप्ताकार' या 'अवग्रह' कहते हैं।

पूर्वरूप्  संधि के उदाहरन् 

  • ए / ओ + अकार = ऽ --> कवे + अवेहि = कवेऽवेहि
  • ए / ओ + अकार = ऽ --> प्रभो + अनुग्रहण = प्रभोऽनुग्रहण
  • ए / ओ + अकार = ऽ --> लोको + अयम् = लोकोSयम् 
  • ए / ओ + अकार = ऽ --> हरे + अत्र = हरेSत्र

यह संधि आयदि संधि का अपवाद भी होती है।


2018-10-28